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यूरोपियन मानको की सुनिश्चितता के लिए रेसूट सीमेंट को सीई, एनएफ मान्यता
आरसीसी की भारत में 700 मिलियन अमेरीकन डाॅलर निवेश की योजना
मुम्बई मई 2021। ओमान की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता रेसूट सीमेंट कम्पनी (आरसीसी) जिसकी भारत में 700 मिलियन अमेरीकन डाॅलर निवेश करने की योजना है, ने सीई (ब्म्) एवं एनएफ (छथ्) मान्यता हासिल कर ली है। ये दो वैश्विक गुणवत्ता मापदण्ड सीमेंट उत्पादन में आरसीसी के यूरोपियन मानकों को और सशक्त बनायेंगे।
मस्कट स्टाॅक मार्केट में सूचिबद्ध आरसीसी ने कहा है कि यह मान्यता उस समय हासिल हुई है जबकि कम्पनी नये वैश्विक बाजारों में निर्यातों को बढ़ा रही है। वर्तमान में कम्पनी के उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा ईस्ट अफ्रिका, भारत, दक्षिण अफ्रीका एवं भारतीय उप महाद्विपों को निर्यात किया जा रहा है।

समूह के सीईओ, जॉय घोष के अनुसार, सीई और एनएफ मान्यता कठोर वैश्विक सुरक्षा, गुणवत्ता और पर्यावरण नियमों के साथ उत्पादन गुणवत्ता एवं प्रक्रिया में निरन्तर सुधार हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आरसीसी ने ब्यूरो आॅफ इण्डियन स्टेण्डडर््स (बीआईएस) की मान्यता भी हासिल कर ली है, जो कि भारतीय बाजार में एक गुणवत्ता ब्राण्ड के रूप में अपनी सशक्तता को दर्शाता है। आरसीसी ने साउथ अफ्रिकन आॅफ ब्रदर्स प्रोडक्ट्स एण्ड सिस्टम्स (एसएबीपीएस) की मान्यता भी हासिल कर ली है। सीई और एनएफ की मान्यता न केवल यूरोपियन बाजारों में आरसीसी के निर्यातों को बढ़ावा देगा, बल्कि भारतीय बाजारों में भी गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
सीई मार्क जो कि पूर्व में ईसी मार्क के रूप में जाना जाता था यूरोपियन इकाॅनोमिक एरिया के कुछ बाजारों में उत्पादों की बिक्री के लिए जरूरी है। एनएफ मार्क फ्रेंच अवधारणाओं को पूरी करता है।
आरसीसी भारत को प्रतिवर्ष 2.40 लाख मीट्रिक टन सीमेंट का निर्यात करता है,जबकि देश में कुछ सीमेंट प्लांटो के अधिग्रहण की भी योजना बना रही है। वर्ष 2020 में आरसीसी ने भारत में 2 लाख मीट्रिक टन सीमेंट का निर्यात किया था। आरसीसी ने गत वर्ष भारतीय बाजार के निकट मालदीव स्थित लाफाॅर्ज की थिलाफुशी टर्मिनल में भी 75 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी।
घोष ने कहा कि यह मान्यता नये भौगोलिक क्षेत्रों के लिए हमारी निर्यात रणनीति में भी सहायक है, क्योंकि सीई मार्क यूरोपियन स्वास्थ्य, सुरक्षा और हरित नियमों की अवधारणाओं को पूरा करते हुऐ, हमारे उत्पादों को आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन एवं नॉर्वे के बाजारों में पहुंच की अनुमती देता है।
यह मान्यता आरसीसी को नये आदेश प्राप्त करने में भी सहयोग कर रहा है एवं हाल ही में फ्रेंच आइलैण्ड के एंटरप्राइज ऑडिमार्ड ग्रुप के साथ प्रतिमाह 8000 मीट्रिक टन सीमेंट के निर्यात का एक अनुबंध किया है। आरसीसी मेडागास्कर में भी एक युनिट स्थापित करने की योजना बना रही है।
आरसीसी समूह के पास वर्तमान में 6 मिलियन मीट्रिक टन सीमेंट की आउटपुट क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 2022 तक 22 मिलियन मीट्रिक टन सीमेंट करने की योजना है। घोष ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने कारोबार के समक्ष नयी चुनौतियाँ पेश की है, लेकिन आरसीसी बगैर किसी नेतृत्व एवं परिदृश्य में बदलाव के सफलतापूर्वक इनका मुकाबला कर रहा है।
आरसीसी एक्टिंग डिप्टी ग्रुप सीईओ मि. सलीम बिन अहमद बिन अलावी अल इब्राहिम ने कहा कि, आरसीसी के सलालाह प्लांट निर्मित सीमेंट कठोर पर्यावरण नियमों की पालना कर रहा है। एनएफ मान्यता ने भी नये अवसर पैदा किये है।
गत वर्ष आरसीसी ने कम्पनी के ग्रुप सीईओ मि.जॉय घोष को सम्मानित के साथ सीईओ ऑफ द ईयर का अवार्ड जीता था। इसमें ओमान बेस्ट इम्प्लाॅयर्स अवार्ड एवं जीसीसी बेस्ट इम्प्लाॅयर्स अवार्ड शामिल थे।


